दिल्ली में स्कूलों में शिक्षकों की कमी, Guest Teachers के भरोसे हो रही पढ़ाई

 


दिल्ली में स्कूलों में शिक्षकों की कमी, Guest Teachers के भरोसे हो रही पढ़ाई




खास बातें






  1. शिक्षकों की कमी से जूझ रहे दिल्ली के स्कूल

  2. आरटीआई में हुआ शिक्षकों की कमी का खुलासा

  3. गेस्ट टीचर्स के भरोसे चल रही स्कूलों में पढ़ाई




 


नई दिल्ली: 


दिल्ली सरकार (Delhi Government) के 1030 स्कूलों में कक्षा छठी से 10वीं तक के शिक्षकों के 3,825 पद खाली हैं. इन कक्षाओं के लिए स्वीकृत शिक्षकों की संख्या 33,397 है, जिसमें स्थायी शिक्षक (Permanent Teachers) सिर्फ 17,695 हैं जबकि 11,877 अतिथि अध्यापक स्कूलों में पढ़ा रहे हैं. ज़र्फ एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी (Zerf Educational and Welfare Society) के अध्यक्ष मंजर अली की ओर से दायर आरटीआई आवेदन के जवाब में शिक्षा निदेशालय ने बताया है कि सरकारी स्कूलों में विभिन्न अहम विषयों के शिक्षकों की कमी के साथ-साथ प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य के काफी पद भी खाली पड़े हैं. 


 


आरटीआई के जवाब में शिक्षा निदेशालय ने बताया कि 25 सितंबर 2019 तक अंग्रेजी विषय के टीजीटी के शिक्षकों के 704 पद खाली हैं जबकि कुल स्वीकृत पदों की संख्या 5462 है. दिलचस्प है कि 5462 पदों में से स्थायी शिक्षक केवल 2614 हैं और अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की संख्या 2144 है. आरटीआई के मुताबिक यही हाल, गणित के विषय का है. इस अहम विषय के 696 पद खाली पड़े हैं. इस विषय के लिए स्थायी शिक्षकों के 5848 पद स्वीकृत हैं, लेकिन स्थायी अध्यापक केवल 3282 हैं. वहीं अतिथि शिक्षक 1870 हैं.